पत्रकारों पर होने वाले अत्याचार पर रोख लगाने सौंपा ज्ञापन
पत्रकारों पर होने वाले अत्याचार पर रोख लगाने सौंपा ज्ञापन
सिहोरा:- सभी क्षेत्र की बात करे तो हर क्षेत्र में पत्रकारों पर अन्याय, अत्याचार, दबाव डालकर समाज के मन में पत्रकारों के प्रति विरोध दर्शाया जाता है.
पत्रकार एक समाज का महत्वपूर्ण घटक है. इसीलिए हमारी राज्यघटना मे इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि, लोकशाही राज्य चार घटकों पर निर्भर है.
उसमे मीडिया या न्यूज पेपर का नाम उल्लेखनिय है. हर विभाग में होने वाले बदलाव, उनकी कार्य प्रणाली, उनका काम करने का तरीका इन सभी हलचलों पर निगरानी का कार्य फ्री में करता है ओ है पत्रकार याने मीडिया. "बिना पत्रकार नही समाज का उद्धार". इस पंक्ति पर खरा उतरता है लोकशाही का चौथा आधार स्तंभ.
किंतु कुछ राजनीतिक पक्ष, पदाधिकारी व गाव शहर में लोगों के तयार तवे पर रोटी शेकने वाले कुछ लोग पत्रकारों को बदनाम करते हैं, उन्हें नीच समजते है, लोगों के आँखों में धूल झोंक कर अपना उल्लू सीधा करते हैं. ऐसे लोगों ने लोगों के साथ साथ पत्रकारों पर दबाव डालकर अपनी रोटी शेकी है.
ऐसे मे पत्रकारों पर होने वाले अन्याय, अत्याचार, दबाव और काफी हद तक के बाहर होने वाले पत्रकारों पर हमले, गैर वर्तनुक आदि पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, कार्यकारी अभियंता, जिला पोलिस उपनिरीक्षक को बहुजन मराठी पत्रकार संघ भंडारा जिला की ओर से ज्ञापन सौंपा गया. इस समय जिलाध्यक्ष राजेश उके, जिला सम्पर्क प्रमुख चंद्रशेखर भोयर, अमर वासनिक, गुड्डू पटले, गणवीर, भोजवानी आदि उपस्तिथ थे.
पत्रकार ही समाज का रक्षक है
समाज में समाज हित मे चलाई जाने वाली सभी योजनाएं सबसे पहले लोगों तक पहुचाने का काम करता है पत्रकार. सोये हुए को जगाता है पत्रकार, समाज पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता है पत्रकार. छात्रों पर होने वाले अंन्याय के खिलाफ लिखता है पत्रकार. ऐसे काफी संकटो मे साथ रहता है पत्रकार. फुकट मे अपना समय समाज हित के लिए देने वाला पहिला इंसान.
समाज में पैसों के लिए, पेमेंट के लिए झगड़ने वाले सभी है पर अपने इनकम के लिए कभी भी आंदोलन नही किया ओ है पत्रकार. याने की कही भी ना पगार है ना स्थाई रूप से रोजगार फिर भी समाज के लिए लड़ने वाला पत्रकार के साथ गैरवर्तनुक ये उचित नहीं है. जो समाज के हित के लिए दिन रात कर दे उसपर अन्याय होना ये एक कलंक है.
पत्रकार है इसीलिए समाज हित में कार्य होने की संभावनाएं बड़ जाती है. गाव गाव, गल्ली गल्ली जाकर न्यूज भेजने वाला पत्रकार सबसे पहले समाज का रक्षक है. इसीलिए पत्रकार या मीडिया को लोकशाही का चौथा आधार स्तंभ माना जाता है.
-- चंद्रशेखर भोयर, बहुजन मराठी पत्रकार संघ जिला भंडारा सम्पर्क प्रमुख.
संपादक चंद्रशेखर भोयर






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